रविवार 25 जनवरी 2026 - 11:43
किताब “अक़्ल और इल्म” प्रकाशित होकर बाज़ार मे उपलब्ध

हौज़ा/अक़्ल और इल्म एक नई किताब है जो उसूले काफ़ी के चैप्टर “अक़्ल और जहल” का उर्दू भाषा में अनुवाद और व्याख्या है, जिसे हुज्जतुल इस्लाम मौलाना हुसैन मुर्तज़ा कुमैल ने बड़ी लगन और मेहनत से इमामिया दार-उल-इशाअत सरफ़राज़ गंज, लखनऊ से एक भाग में अच्छे पेपर पर पब्लिश किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी; हौज़ा/अक़्ल और इल्म एक नई किताब है जो उसूले काफ़ी के चैप्टर “अक़्ल और जहल” का उर्दू भाषा में अनुवाद और व्याख्या है, जिसे हुज्जतुल इस्लाम मौलाना हुसैन मुर्तज़ा कुमैल ने बड़ी लगन और मेहनत से इमामिया दार-उल-इशाअत सरफ़राज़ गंज, लखनऊ से एक भाग में अच्छे पेपर पर पब्लिश किया है।।

यह खबर अहले इल्म और दानिश रखने वालों के लिए बहुत अच्छी खबर है

आज के ज़माने में, जब उर्दू पढ़ने वाले कम हो रहे हैं और लोगों में अध्ययन करने का शौक खत्म हो रहा है या जो किताबो का अध्ययन करते भी हैं, वे सुनने और देखने में ज़्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं, ऐसे में किसी इल्मी और हदीस की किताब का सादी उर्दू में अनुवाद और मतलब निकालना और उसे छापना बहुत मुश्किल है।

इज्ज़तदार लेखक तारीफ़ के काबिल हैं, जिन्होंने अपनी धार्मिक ज़िम्मेदारी पूरी की है और उर्दू ज़बान में एक कीमती इल्मी सरमाया जोड़ा है और बाकी लेखकों को भविष्य में साइंटिफिक और रिसर्च का काम करने के लिए साहस दिया है।

अगर आप यह किताब पढ़ेंगे, तो आपको इसकी खूबियों से ज़रूर फ़ायदा होगा।

मैंने ये कुछ लाइनें इस इरादे से लिखी हैं कि अहले इल्म और दानिश को इसकी जानकारी हो और अनुवादक की इस कामयाबी की तारीफ़ हो सके, वरना यह काम अपनी जगह बहुत बड़ा है।

वस सलाम मअल इकराम, सय्यद मुशाहिद आलम रिज़वी

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha